नई दिल्ली/रायपुर। आगामी NITI Aayog की बैठक में छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र के समग्र विकास पर विशेष चर्चा होने की संभावना है। राज्य सरकार बस्तर विकास योजना को प्रमुखता से प्रस्तुत करेगी, जिसका उद्देश्य लंबे समय से नक्सलवाद के कारण प्रभावित विकास कार्यों को गति देना है। माना जा रहा है कि इस योजना के माध्यम से क्षेत्र में आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए अवसरों का विस्तार किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि पिछले लगभग पांच दशकों से नक्सल हिंसा के कारण बस्तर के कई इलाकों में विकास कार्य अपेक्षित गति से नहीं हो पाए। हालांकि हाल के वर्षों में सुरक्षा स्थिति में सुधार और सरकारी योजनाओं की पहुंच बढ़ने से क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव देखने को मिले हैं। इसी क्रम में बस्तर के लिए विशेष विकास रोडमैप तैयार किया गया है, जिसे नीति आयोग के समक्ष रखा जाएगा।
योजना में सड़क, बिजली, पेयजल, डिजिटल कनेक्टिविटी, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। इसके साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए कौशल विकास और रोजगार सृजन की योजनाओं को भी प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार को उम्मीद है कि केंद्र और राज्य के समन्वित प्रयासों से बस्तर में विकास की नई इबारत लिखी जाएगी और क्षेत्र के लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने में मदद मिलेगी।





