रायपुर में एनआईटी परिसर के पास बनी चौपाटी को आखिरकार नगर निगम ने हटा दिया है। लंबे समय से चल रहे रेलवे और नगर निगम के विवाद के बीच अंततः कार्रवाई की गई और चौपाटी से जुड़ी सभी दुकानें आमानाका क्षेत्र में शिफ्ट कर दी गई हैं।
शनिवार सुबह निगम की टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और दुकानों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की। कुछ दुकानदारों ने विरोध करने की कोशिश की, लेकिन अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि जगह रेलवे की है और यह चौपाटी औपचारिक अनुमति के बिना बनाई गई थी।
महापौर ने इस कार्रवाई को सही ठहराते हुए कहा—
“चौपाटी अवैध थी, इसलिए इसे हटाना जरूरी था। कई बार नोटिस देने के बाद भी स्थिति नहीं बदली, इसलिए कार्रवाई की गई। दुकानदारों को आमानाका में वैकल्पिक जगह उपलब्ध कराई गई है।”
दूसरी ओर, रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह भूमि रेलवे की अधिसूचित संपत्ति है और बार-बार आग्रह के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया जा रहा था। विवाद के समाधान के लिए कई दौर की बैठकें भी हुईं, लेकिन कोई निर्णायक निर्णय नहीं निकल सका।
दुकानदारों ने अपने पुराने स्थान से हटाए जाने पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि एनआईटी के पास वर्षों से चल रही दुकानें अच्छी आय का स्रोत थीं, जबकि नई जगह पर ग्राहक मिलना मुश्किल होगा।
इधर, निगम अधिकारियों का कहना है कि शहर में यातायात दबाव और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चौपाटी को हटाना आवश्यक था। विवाद के खत्म न होने के बावजूद भविष्य में दोनों विभाग आपसी सहमति से जमीन को लेकर समाधान निकालने की कोशिश करेंगे।


