राष्ट्रीय जांच एजेंसी राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने मानव तस्करी और साइबर गुलामी से जुड़े अंतरराष्ट्रीय गिरोह का बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि भारतीय युवाओं को नौकरी का झांसा देकर कंबोडिया भेजा जाता था, जहां उन्हें फर्जी कंपनियों के जरिए साइबर फ्रॉड में जबरन काम कराया जाता था। जानकारी के मुताबिक, पीड़ितों को 2 से 3 हजार अमेरिकी डॉलर में गिरोहों को बेचा जाता था।
एजेंसी के अनुसार, गिरोह सोशल मीडिया और फर्जी जॉब पोर्टल्स के जरिए युवाओं को विदेश में हाई-सैलरी नौकरी का लालच देता था। विदेश पहुंचने के बाद उनके पासपोर्ट जब्त कर लिए जाते थे और उन्हें साइबर ठगी के नेटवर्क में काम करने के लिए मजबूर किया जाता था। विरोध करने पर मारपीट और धमकी देने जैसी घटनाएं भी सामने आई हैं।
NIA ने बताया कि इस गिरोह के तार कई देशों तक फैले हुए हैं और भारत में भी इसके कई सहयोगियों की पहचान की गई है। एजेंसी का कहना है कि पीड़ितों को सुरक्षित वापस लाने और पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर कार्रवाई जारी है।


