दुनिया भर में बढ़ते जलवायु परिवर्तन का असर अब पृथ्वी की प्राकृतिक गति पर भी दिखाई देने लगा है। वैज्ञानिकों के अनुसार ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने और समुद्र स्तर में बढ़ोतरी के कारण Earth’s Rotation की गति धीरे-धीरे प्रभावित हो रही है। इससे पृथ्वी के घूमने की रफ्तार में मामूली कमी आ रही है, जिसके कारण दिन की अवधि बहुत सूक्ष्म स्तर पर लंबी हो सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ध्रुवीय क्षेत्रों में बर्फ के पिघलने से पृथ्वी पर द्रव्यमान का वितरण बदल रहा है, जिसका असर उसकी घूर्णन गति पर पड़ता है। यह प्रक्रिया सीधे तौर पर Climate Change से जुड़ी मानी जा रही है। हालांकि वैज्ञानिकों के मुताबिक यह बदलाव बहुत सूक्ष्म है और आम लोगों के दैनिक जीवन पर इसका तत्काल कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ेगा।
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फिर भी वैज्ञानिक इसे पृथ्वी की जलवायु प्रणाली में हो रहे बड़े बदलावों का संकेत मान रहे हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि यदि ग्लेशियरों का पिघलना और समुद्र स्तर में वृद्धि इसी तरह जारी रही, तो भविष्य में पृथ्वी की गति और समय मापन प्रणालियों पर भी इसके प्रभावों का गहराई से अध्ययन करना पड़ेगा।


