आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में एक अनोखा ट्रेंड सामने आया है, जहां एक ऐसा AI टूल चर्चा में है जो जानबूझकर छोटी-छोटी गलतियां करता है। इसका मकसद यूजर्स को बेहद परफेक्ट और रोबोटिक दिखने से बचाना है, खासकर ईमेल, असाइनमेंट और कंटेंट लिखते समय। विशेषज्ञों का कहना है कि अत्यधिक परफेक्ट AI-जनरेटेड टेक्स्ट कई बार लोगों को संदेहास्पद लगता है, इसलिए यह टूल “मानवीय स्पर्श” जोड़ने पर फोकस करता है।
बताया जा रहा है कि यह टूल जानबूझकर टाइपिंग मिस्टेक, हल्की व्याकरणिक त्रुटियां और सामान्य मानवीय लेखन शैली की नकल करता है। इसका इस्तेमाल खासतौर पर छात्रों, कॉर्पोरेट कर्मचारियों और कंटेंट क्रिएटर्स के बीच तेजी से बढ़ रहा है, जो चाहते हैं कि उनका काम पूरी तरह मशीन-जनित न लगे।
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टेक विशेषज्ञों का मानना है कि यह ट्रेंड AI के जिम्मेदार उपयोग और पारदर्शिता को लेकर नई बहस शुरू कर सकता है। जहां एक ओर यह टूल लोगों को प्राकृतिक लेखन शैली अपनाने में मदद करेगा, वहीं दूसरी ओर AI और मानव लेखन के बीच की रेखा को और धुंधला भी कर सकता है।


