नई दिल्ली। National Investigation Agency (NIA) ने म्यांमार से जुड़े मानव तस्करी और साइबर ठगी के बड़े अंतरराष्ट्रीय रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की है। जांच एजेंसी के मुताबिक यह गिरोह भारत के युवाओं को नौकरी का झांसा देकर म्यांमार भेजता था, जहां उनसे जबरन साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन ठगी कराई जाती थी। कई पीड़ितों को अवैध तरीके से सीमा पार कराकर बंदी बनाकर रखा गया और धमकियों के जरिए उनसे काम कराया गया।
एनआईए की जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी फर्जी कॉल सेंटर और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए विदेशों में बैठे लोगों को ठगने का नेटवर्क चला रहे थे। गिरोह सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स के माध्यम से युवाओं को हाई सैलरी जॉब का लालच देता था। इसके बाद उन्हें दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के रास्ते म्यांमार ले जाया जाता था, जहां पासपोर्ट जब्त कर लिए जाते थे और साइबर अपराध करने के लिए मजबूर किया जाता था।
जांच एजेंसी ने कहा कि इस मामले में आगे भी कार्रवाई जारी है और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। एनआईए का यह एक्शन मानव तस्करी और साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। एजेंसी ने लोगों से अपील की है कि विदेश में नौकरी के नाम पर मिलने वाले संदिग्ध ऑफर्स से सावधान रहें और किसी भी शंका की स्थिति में तुरंत संबंधित एजेंसियों को सूचना दें।


