नरसिंहपुर में चलती कार बनी आग का गोला, ड्राइवर ने कूदकर बचाई जान; चंद मिनटों में वाहन खाक
नरसिंहपुर। शहर में रविवार सुबह एक चलती कार में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। स्टेशन गंज थाना क्षेत्र में केंद्रीय जेल के पीछे अंडरपास के पास हुई इस घटना में कार देखते ही देखते पूरी तरह जल गई। हादसे के दौरान सबसे अहम बात यह रही कि चालक ने बोनट से धुआं निकलते ही खतरे को भांप लिया और समय रहते वाहन से बाहर निकल गया।
घटना के कारण कुछ समय के लिए सड़क पर आवाजाही भी प्रभावित हुई। पुलिस और दमकल की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाई, लेकिन तब तक कार को काफी नुकसान हो चुका था।
बोनट से धुआं निकलते ही समझ आ गया खतरा
जानकारी के अनुसार विपतपुरा निवासी डॉक्टर फरीद खान अपनी इंडिगो कार से शहर की तरफ जा रहे थे। अंडरपास पार करने के दौरान उन्हें वाहन के अगले हिस्से से धुआं निकलता दिखाई दिया।
कार में किसी तरह की बड़ी समस्या होने से पहले ही उन्होंने वाहन को सड़क किनारे रोक दिया और बाहर निकल आए। उनके कार से उतरने के कुछ ही देर बाद आग तेजी से फैल गई। देखते ही देखते बोनट और फिर वाहन का बड़ा हिस्सा आग की चपेट में आ गया।
इस घटना में चालक का समय रहते वाहन से बाहर निकलना सबसे महत्वपूर्ण रहा। चलती गाड़ी में धुआं, जलने की गंध या इंजन के आसपास असामान्य गर्मी महसूस होने पर वाहन को सुरक्षित स्थान पर रोकना गंभीर हादसे से बचने में अहम हो सकता है।
कुछ ही मिनटों में पूरी कार जलकर खाक
आग ने इतनी तेजी से विकराल रूप लिया कि मौके पर मौजूद लोग भी हैरान रह गए। देखते ही देखते कार आग की लपटों से घिर गई। चालक के सामने ही उसका वाहन पूरी तरह जलता रहा।
आग के कारण आसपास मौजूद लोगों में भी चिंता का माहौल बन गया। सड़क पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और लोगों ने सुरक्षित दूरी बनाए रखी।
दमकल की टीम ने संभाला मोर्चा
सूचना मिलने के बाद स्टेशन गंज थाना पुलिस और दमकल कर्मी मौके पर पहुंचे। फायर ब्रिगेड की टीम ने पानी और अग्निशमन उपकरणों की मदद से आग पर काबू पाया।
हालांकि, दमकल के पहुंचने तक आग वाहन के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले चुकी थी। आग बुझने के बाद कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हालत में रह गई।
शॉर्ट सर्किट की आशंका, जांच के बाद स्पष्ट होगा कारण
प्रारंभिक तौर पर आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, आग का वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
वाहन में आग लगने के मामलों में वायरिंग, बैटरी, इंजन के आसपास का तापमान, ईंधन या अन्य तकनीकी खराबी जैसे पहलुओं की जांच की जाती है। ऐसे में सिर्फ शुरुआती आशंका के आधार पर आग का अंतिम कारण तय करना उचित नहीं होगा।



