छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में धान खरीदी से जुड़े बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि फर्जी दस्तावेजों और नियमों के उल्लंघन के जरिए सरकार को करीब 8.14 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया गया। मामले के उजागर होते ही प्रशासन और जांच एजेंसियों में हड़कंप मच गया है।
प्रारंभिक जांच के आधार पर पुलिस ने इस घोटाले में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि इन लोगों ने धान खरीदी केंद्रों पर मिलकर गड़बड़ी की और रिकॉर्ड में हेरफेर कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया। अधिकारियों के मुताबिक, यह घोटाला लंबे समय से चल रहा था और इसकी परतें अब खुलनी शुरू हुई हैं।
प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि जांच का दायरा आगे और बढ़ सकता है तथा अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है। अधिकारियों ने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में इस तरह की अनियमितताओं को रोकने के लिए धान खरीदी व्यवस्था को और पारदर्शी बनाया जाएगा।






