बिहार के समस्तीपुर जिले में अपराधियों ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था को चुनौती दी है। जिले के रोसड़ा अनुमंडल क्षेत्र में अज्ञात हमलावरों ने मनोरंजन गिरी नामक मुखिया की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव और दहशत का माहौल है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है, जबकि हमलावर फरार बताए जा रहे हैं।
घटना कैसे घटी — प्रत्यक्षदर्शियों ने बताई पूरी कहानी
सूत्रों के अनुसार, मृतक मनोरंजन गिरी अपने घर से कुछ दूरी पर स्थित बाजार की ओर जा रहे थे। तभी बाइक पर सवार दो अज्ञात हमलावरों ने उन्हें रोककर करीब से तीन गोलियां दाग दीं। गोलियां सिर और सीने में लगीं, जिससे मनोरंजन गिरी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। स्थानीय लोगों ने आनन-फानन में उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हमला पूरी तरह से योजनाबद्ध (planned attack) लग रहा था। हमलावरों ने हेलमेट पहन रखा था और वारदात को अंजाम देने के बाद तेजी से पूर्व दिशा की ओर भाग निकले।
कौन थे मनोरंजन गिरी? जानिए उनकी पृष्ठभूमि
मनोरंजन गिरी ग्राम पंचायत के मुखिया थे और पिछले कई वर्षों से स्थानीय राजनीति में सक्रिय थे। वे अपने क्षेत्र में विकास कार्यों और पंचायत चुनावों में सक्रिय भूमिका के लिए जाने जाते थे। हालांकि, उन पर पहले से एक पुराने मर्डर केस में आरोप भी था। इसी कारण उनकी राजनीतिक छवि विवादों में रही। पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह हत्या पुरानी रंजिश या आपसी राजनीतिक द्वंद्व से जुड़ी हो सकती है।हालांकि, जांच के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट होगा।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई — इलाके में तनाव के बीच सर्च ऑपरेशन शुरू
घटना की जानकारी मिलते ही समस्तीपुर एसपी और रोसड़ा डीएसपी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है और आसपास के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से तीन खाली कारतूस और एक पिस्तौल का कवर बरामद किया है।
एसपी ने कहा —
हत्या के पीछे की वजह की जांच चल रही है। प्रारंभिक जांच में व्यक्तिगत रंजिश की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। जल्द ही अपराधियों की गिरफ्तारी होगी। इस बीच, प्रशासन ने एहतियात के तौर पर इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी है ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे।
परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा, सड़क जाम कर किया विरोध
हत्या की खबर फैलते ही ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। परिजनों और समर्थकों ने मुख्य सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन और जाम कर दिया।लोगों ने पुलिस प्रशासन पर लापरवाही और सुरक्षा व्यवस्था की विफलता का आरोप लगाया। कई लोगों ने कहा कि मनोरंजन गिरी को लगातार धमकियां मिल रही थीं, लेकिन पुलिस ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। बाद में अधिकारियों ने समझा-बुझाकर स्थिति को शांत किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए समस्तीपुर सदर अस्पताल भेजा गया।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और स्थानीय नेताओं की चिंता
घटना के बाद स्थानीय नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने हत्या की निंदा की है। कई नेताओं ने इसे बिहार में बढ़ते अपराध और कमजोर कानून-व्यवस्था का उदाहरण बताया। वहीं, कुछ ने कहा कि पंचायत स्तर पर राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता अब हिंसक रूप ले रही है, जो लोकतंत्र के लिए खतरा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पंचायत स्तर की राजनीति में भी अब गुटबाज़ी और निजी रंजिशें बढ़ रही हैं, जिसके चलते इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं।


