भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा आयोजित संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘त्रिशूल’ ने इस वर्ष कई नए मानक स्थापित किए हैं। सैन्य कमांडरों ने बताया कि इस अभ्यास ने न सिर्फ तीनों सेनाओं—थलसेना, नौसेना और वायुसेना—के बीच इंटरऑपरेबिलिटी को नई ऊंचाई दी है, बल्कि आधुनिक युद्ध रणनीतियों और प्रौद्योगिकी के प्रयोग में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है।
अभ्यास के दौरान वास्तविक युद्ध जैसी परिस्थितियों में बलों ने सटीक लक्ष्य भेदन, त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता, संयुक्त ऑपरेशंस और आधुनिक हथियार प्रणालियों का सफल प्रदर्शन किया। कमांडरों के अनुसार, ‘त्रिशूल’ ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि भारतीय सेना जटिल सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
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सैन्य अधिकारियों ने कहा कि इस अभ्यास ने देश की सामरिक क्षमता और राष्ट्रीय सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ किया है। आने वाले समय में इस तरह के संयुक्त अभ्यासों से भारत की ऑपरेशनल दक्षता और तकनीकी बढ़त और भी मजबूत होगी।


