टाइप-1 डायबिटीज के इलाज को लेकर चिकित्सा जगत में बड़ी उम्मीद जगी है। हालिया शोध में वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि एक खास इंजेक्शन के जरिए इस लाइलाज मानी जाने वाली बीमारी को नियंत्रित करने में बड़ी सफलता मिली है। विशेषज्ञों के मुताबिक यह नई थेरेपी शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को इस तरह प्रशिक्षित करती है कि वह इंसुलिन बनाने वाली कोशिकाओं पर हमला करना बंद कर दे।
रिपोर्ट्स के अनुसार शुरुआती क्लिनिकल ट्रायल्स में मरीजों पर सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं। इस इंजेक्शन से कई मरीजों में इंसुलिन की जरूरत कम हुई और कुछ मामलों में लंबे समय तक शुगर स्तर स्थिर रहने के संकेत मिले। हालांकि वैज्ञानिकों ने कहा है कि इसे आम लोगों तक पहुंचाने से पहले बड़े स्तर पर और परीक्षण जरूरी होंगे।
अगर आगे के परीक्षण सफल रहते हैं, तो यह खोज लाखों मरीजों के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में यह थेरेपी टाइप-1 डायबिटीज के इलाज की दिशा में सबसे बड़ा कदम बन सकती है।


