देशभर में मौसम ने अचानक करवट ले ली है और उत्तर से लेकर दक्षिण तक कई राज्यों में तेज बारिश, आंधी और ओलावृष्टि देखने को मिल रही है। मौसम विभाग के अनुसार, इस असामान्य बदलाव का सबसे ज्यादा असर खेती-किसानी पर पड़ रहा है। खासतौर पर गेहूं, सरसों और फल-सब्जियों की फसलों को भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है। किसानों का कहना है कि कटाई के समय आई इस बारिश से खेतों में खड़ी फसल बर्बाद होने का खतरा बढ़ गया है।
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ और बदलते जलवायु पैटर्न के कारण कई इलाकों में ओलावृष्टि और तेज हवाएं चल रही हैं। इससे फसलों के गिरने, सड़ने और गुणवत्ता खराब होने की संभावना बढ़ गई है। कई राज्यों में प्रशासन ने किसानों को सतर्क रहने और नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए हैं।
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विशेषज्ञों का कहना है कि भारत जैसे कृषि प्रधान देश में ऐसे मौसम बदलाव सीधे किसानों की आय और खाद्य सुरक्षा पर असर डालते हैं। सरकार से राहत पैकेज और फसल बीमा दावों को जल्द निपटाने की मांग तेज हो गई है, ताकि प्रभावित किसानों को समय पर सहायता मिल सके।


