छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के संवैधानिक संस्थानों को जनता से और अधिक जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए घोषणा की है कि अब राजभवन को ‘लोकभवन’ के नाम से जाना जाएगा। सरकार का कहना है कि यह निर्णय लोकतांत्रिक भावना और जनता की भागीदारी को सशक्त करने के उद्देश्य से लिया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, ‘लोकभवन’ नाम राज्य की जनभावनाओं को बेहतर रूप में प्रतिबिंबित करेगा और इससे शासन में पारदर्शिता तथा जनता के प्रति जवाबदेही को प्रोत्साहन मिलेगा। नया नाम औपचारिक रूप से लागू करने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।
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राज्य सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि भवन का कार्य, स्वरूप और संवैधानिक दायित्व पूर्ववत ही रहेंगे, केवल नामकरण में परिवर्तन किया गया है। इस कदम का स्वागत कई सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने किया है। उनका मानना है कि ‘लोकभवन’ नाम जनता और शासन के बीच निकटता को दर्शाता है।
इस निर्णय के बाद छत्तीसगढ़ देश का उन कुछ राज्यों में शामिल हो गया है, जिन्होंने राजकीय भवनों के नाम को लोककेंद्रित पहचान देने की दिशा में पहल की है।





