प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े मामले में कड़ा कदम उठाते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अल-फलाह ग्रुप के चेयरमैन से जुड़ी ₹39 करोड़ से अधिक की संपत्ति अस्थायी रूप से जब्त कर ली है। एजेंसी के मुताबिक यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की गई है और जांच में कई वित्तीय अनियमितताओं के सबूत सामने आए हैं।
ईडी की जांच में पता चला कि कथित तौर पर अवैध तरीके से अर्जित धन को विभिन्न कंपनियों और संपत्तियों में निवेश किया गया था। जब्त की गई संपत्तियों में अचल संपत्ति, बैंक खातों में जमा रकम और अन्य निवेश शामिल बताए जा रहे हैं। एजेंसी अब इस मामले में जुड़े अन्य लोगों और कंपनियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
ईडी का कहना है कि आर्थिक अपराधों पर सख्ती जारी रहेगी और अवैध संपत्ति को जब्त करने की कार्रवाई आगे भी जारी रह सकती है। इस मामले को बड़े वित्तीय घोटालों के खिलाफ चल रही कार्रवाई का हिस्सा माना जा रहा है।


