नई दिल्ली। केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना (Central Government Health Scheme) से जुड़े करीब 42 लाख कर्मचारियों और पेंशनरों को बड़ी राहत मिली है। अब 10 लाख रुपये तक के इलाज खर्च की मंजूरी तत्काल दी जाएगी और पहले की तरह लंबी स्वीकृति प्रक्रिया का सामना नहीं करना पड़ेगा। इस फैसले का उद्देश्य आपातकालीन स्थितियों में इलाज में देरी रोकना और मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, नई व्यवस्था के तहत गंभीर बीमारियों और आपात उपचार के मामलों में अस्पतालों को पहले से अनुमति लेने की बाध्यता कम कर दी गई है। इससे मरीज सीधे सूचीबद्ध अस्पतालों में इलाज शुरू करा सकेंगे और बाद में दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इससे कर्मचारियों और उनके परिवारों को आर्थिक व मानसिक राहत मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से सरकारी कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और पारदर्शिता दोनों बेहतर होंगी। सरकार का कहना है कि योजना के डिजिटल सिस्टम को भी मजबूत किया जा रहा है, ताकि क्लेम निपटान तेज और आसान हो सके।


