भारतीय नौसेना के लिए विकसित किए जा रहे स्वदेशी फाइटर जेट कार्यक्रम को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) परियोजना की कमान निजी क्षेत्र को सौंपने की तैयारी चल रही है, ताकि लंबे समय से चली आ रही नौकरशाही दिक्कतों को दूर किया जा सके। माना जा रहा है कि इस कदम से परियोजना में तेजी आएगी और निर्णय प्रक्रिया अधिक प्रभावी हो सकेगी।
सूत्रों का कहना है कि अब तक सरकारी प्रक्रियाओं और मंजूरी में लगने वाले समय के कारण कार्यक्रम में देरी होती रही है। निजी कंपनियों की भागीदारी से तकनीकी दक्षता, निवेश और उत्पादन क्षमता में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। इससे न केवल विकास कार्य तेज होगा, बल्कि आत्मनिर्भर भारत अभियान को भी मजबूती मिलेगी।
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नौसेना को समय पर फाइटर जेट मिलने को लेकर उठ रहे सवालों के बीच यह बदलाव अहम माना जा रहा है। अगर निजी क्षेत्र को प्रमुख जिम्मेदारी सौंपी जाती है, तो तय समयसीमा के भीतर अत्याधुनिक लड़ाकू विमान नौसेना को उपलब्ध कराए जा सकते हैं। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारत की रक्षा उत्पादन नीति में एक नई दिशा तय कर सकता है।


