छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिले सुकमा में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। जिले में 15 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है। पुलिस के अनुसार आत्मसमर्पण करने वालों में कई सक्रिय सदस्य शामिल हैं, जो लंबे समय से नक्सल गतिविधियों में जुड़े हुए थे।
इन नक्सलियों ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के सामने हथियार डालते हुए हिंसा का रास्ता छोड़ने और समाज की मुख्यधारा में शामिल होने का संकल्प लिया। अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण नीति के तहत उन्हें पुनर्वास योजनाओं का लाभ दिया जाएगा, ताकि वे सम्मानजनक जीवन जी सकें।
सुकमा पुलिस ने इसे नक्सल मोर्चे पर बड़ी उपलब्धि करार दिया है। सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई, विकास कार्यों की पहुंच और शासन की पुनर्वास नीतियों के चलते नक्सलियों के मनोबल पर असर पड़ रहा है। पिछले कुछ महीनों में लगातार कई नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं।
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प्रशासन का कहना है कि बातचीत और विकास को बढ़ावा देकर क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने की दिशा में यह कदम बेहद महत्वपूर्ण है। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों ने भी बताया कि वे अब अपने परिवार और समाज के साथ शांतिपूर्ण जीवन जीना चाहते हैं।
यह घटना नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बदलते हालात और शांति की ओर बढ़ते कदम का संकेत है।





