छत्तीसगढ़ में कथित शराब घोटाले और जिला खनिज निधि (DMF) घोटाले की जांच के तहत आज बड़ी कार्रवाई की गई। जांच एजेंसियों ने सुबह से राज्य के 19 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की, जिससे राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
सूत्रों के अनुसार, जिन जगहों पर छापे पड़ रहे हैं उनमें कुछ सरकारी अधिकारियों, कारोबारी समूहों और शराब लाइसेंस से जुड़े लोगों के प्रतिष्ठान शामिल हैं। जांच टीमों ने कई जगहों से दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन से जुड़े कागजात जब्त किए हैं।
शराब घोटाले में आरोप है कि पिछले कुछ वर्षों में राजस्व वसूली में हेराफेरी की गई और अवैध वेंडिंग के जरिए बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया गया। वहीं, DMF फंड के दुरुपयोग का मामला भी लंबे समय से जांच के दायरे में है, जिसमें विकास परियोजनाओं के नाम पर भारी अनियमितताओं की आशंका जताई जा रही है।
जांच एजेंसियां अब जब्त रिकॉर्ड की फॉरेंसिक और वित्तीय जांच करेंगी। छापेमारी के बाद आगे और समन-सूचनाएं जारी होने की संभावना है।
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इस कार्रवाई के बाद राज्य में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। विपक्ष जहां इसे “हेराफेरी का सबूत” बता रहा है, वहीं सत्ता पक्ष जांच को “राजनीतिक प्रेरित” कहकर बचाव में उतर आया है।
फिलहाल, जांच एजेंसियों की यह कार्रवाई आने वाले दिनों में और बड़े खुलासों की दिशा में संकेत दे रही है।





