महाशिवरात्रि 2026 पर वर्षों बाद विशेष शुभ संयोग बनने की बात कही जा रही है, जिससे इस पर्व का धार्मिक महत्व और बढ़ गया है। मान्यता है कि ऐसे संयोगों में की गई भगवान शिव की आराधना का फल कई गुना मिलता है। इस पावन अवसर पर देशभर के शिवालयों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है, जहां रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय जाप और रात्रि जागरण के माध्यम से श्रद्धालु भोलेनाथ की कृपा पाने का प्रयास करेंगे।
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और भस्म अर्पित करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। खासतौर पर बेलपत्र चढ़ाने से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं। इसके अलावा शहद, गंगाजल और सफेद पुष्प अर्पित करने से मनोकामनाओं की पूर्ति का आशीर्वाद मिलता है। माना जाता है कि इस दिन सच्चे मन से किया गया पूजन जीवन के कष्टों को दूर करता है।
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पंडितों के अनुसार महाशिवरात्रि पर व्रत, संयम और रात्रि में शिव भक्ति का विशेष महत्व है। इस दिन शिव मंत्रों का जाप करने और दान-पुण्य करने से आध्यात्मिक उन्नति होती है। शुभ संयोगों के चलते महाशिवरात्रि 2026 को खास माना जा रहा है, ऐसे में श्रद्धालुओं को विधि-विधान से पूजा कर महादेव की कृपा प्राप्त करने की सलाह दी जा रही है।


