गुजरात के Surat में एलपीजी संकट गहराता जा रहा है, जहां रसोई गैस की कीमतें कथित तौर पर 500 रुपये प्रति किलो तक पहुंचने की खबरें सामने आ रही हैं। इस बढ़ती महंगाई और गैस की कमी के चलते बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर अपने-अपने गांवों की ओर लौटने लगे हैं। मजदूरों का कहना है कि इतनी महंगी गैस के साथ शहर में गुजारा करना मुश्किल हो गया है, जिससे उनके सामने रोजमर्रा की जिंदगी चलाना चुनौती बन गया है।
इस संकट का सीधा असर सूरत के टेक्सटाइल और डायमंड उद्योगों पर पड़ रहा है, जो बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिकों पर निर्भर हैं। मजदूरों के पलायन के कारण फैक्ट्रियों में कामकाज प्रभावित हो रहा है और उत्पादन में गिरावट की आशंका बढ़ गई है। उद्योग संगठनों ने सरकार से जल्द समाधान निकालने की मांग की है, ताकि श्रमिकों की वापसी सुनिश्चित हो सके।
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प्रशासन स्थिति को संभालने के प्रयास में जुटा हुआ है और गैस आपूर्ति को सामान्य करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। हालांकि, अगर जल्द राहत नहीं मिली तो यह संकट न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी उद्योगों पर असर डाल सकता है।


