संसद के बजट सत्र के दौरान लोकसभा में बजट पर जारी चर्चा के बीच वित्त मंत्री ने सरकार की आर्थिक नीतियों और बजट प्रावधानों का विस्तृत बचाव किया। उन्होंने कहा कि यह बजट आम नागरिकों, किसानों, युवाओं और मध्यम वर्ग को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। वित्त मंत्री ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए दावा किया कि सरकार की प्राथमिकता विकास, रोजगार सृजन और बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है।
वहीं सदन में उस समय हंगामे की स्थिति बन गई जब सरकार ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाने की घोषणा की। संसदीय कार्य मंत्री ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी द्वारा दिए गए कुछ बयान सदन की गरिमा और नियमों के खिलाफ हैं। इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली, जिसके कारण कार्यवाही कुछ समय के लिए बाधित भी हुई।
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बजट सत्र के इस घटनाक्रम ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। जहां एक ओर सरकार अपने बजट को ऐतिहासिक और विकासोन्मुख बता रही है, वहीं विपक्ष इसे जनविरोधी करार दे रहा है। अब राहुल गांधी के खिलाफ प्रस्ताव पर आगे की संसदीय प्रक्रिया क्या होगी, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।


