वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया है कि भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) द्वारा अदाणी समूह में किया गया निवेश पूरी तरह स्थापित मानकों, प्रक्रियाओं और वित्तीय दिशानिर्देशों के अनुरूप है। हाल के दिनों में उठे सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि LIC एक पेशेवर संस्था है और अपने सभी निवेश निर्णय सख्त मूल्यांकन और जोखिम विश्लेषण के बाद ही करती है।
वित्त मंत्री ने कहा कि LIC का निवेश पोर्टफोलियो विविध है और किसी भी कंपनी में निवेश उसके बोर्ड-स्वीकृत मानदंडों के अनुसार किया जाता है। उन्होंने कहा कि अदाणी समूह में निवेश भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा है, जो कई वर्षों में विकसित हुए मूल्यांकन ढांचे के तहत किया गया।
उन्होंने यह भी जोड़ा कि सरकार या मंत्रालय किसी भी प्रकार के व्यक्तिगत निवेश निर्णय में हस्तक्षेप नहीं करता। LIC के पास अपनी प्रोफेशनल इन्वेस्टमेंट टीम है, जो बाजार की स्थिति और दीर्घकालिक returns को देखते हुए निर्णय लेती है।
अदाणी समूह ने भी हाल में कई सेक्टरों—जैसे ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर, पोर्ट्स और नवीकरणीय ऊर्जा—में अपनी उपस्थिति मजबूत की है। विशेषज्ञों का मानना है कि LIC का निवेश इन सेक्टरों की संभावनाओं और दीर्घकालिक विकास क्षमता को ध्यान में रखकर किया गया है।वित्त मंत्री के इस स्पष्टीकरण के बाद बाजार विश्लेषकों का कहना है कि इससे निवेशकों में विश्वास बढ़ेगा और अनावश्यक भ्रम दूर होगा।


