केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में स्पा और मसाज पार्लरों में ‘क्रॉस-मसाजिंग’ पर रोक लगाने का फैसला राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। भाजपा के मेयर ने इस निर्णय का समर्थन करते हुए कहा कि इस तरह की गतिविधियां स्थानीय संस्कृति और सामाजिक मूल्यों के खिलाफ हैं। नगर निगम की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक अब स्पा सेंटरों में पुरुषों का मसाज पुरुष थेरेपिस्ट और महिलाओं का मसाज महिला थेरेपिस्ट ही कर सकेंगे।
मेयर ने कहा कि हाल के दिनों में स्पा सेंटरों को लेकर कई शिकायतें सामने आई थीं, जिनमें अनैतिक गतिविधियों की आशंका जताई गई। उन्होंने साफ किया कि यह फैसला किसी व्यवसाय के खिलाफ नहीं, बल्कि सार्वजनिक नैतिकता और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है। नगर निगम का दावा है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले स्पा सेंटरों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं विपक्षी दलों और स्पा उद्योग से जुड़े लोगों ने इस फैसले पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि ‘क्रॉस-मसाजिंग’ पर रोक व्यक्तिगत स्वतंत्रता और रोजगार पर असर डाल सकती है। इस मुद्दे पर केरल की राजनीति में बयानबाज़ी तेज हो गई है और आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है।


