केरल के कोचीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर देश की पहली हाइड्रोजन ईंधन से चलने वाली बसें शुरू होने जा रही हैं। यह पहल स्वच्छ और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम मानी जा रही है। इन बसों के संचालन से न केवल कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी नई मजबूती मिलेगी।
हाइड्रोजन बसें पारंपरिक डीजल या पेट्रोल बसों की तुलना में कहीं अधिक पर्यावरण के अनुकूल हैं, क्योंकि इनमें से प्रदूषण के रूप में केवल जल वाष्प निकलता है। अधिकारियों के अनुसार, इन बसों का उपयोग एयरपोर्ट परिसर में यात्रियों और कर्मचारियों के आवागमन के लिए किया जाएगा। इससे ईंधन लागत में कमी और ऊर्जा दक्षता बढ़ने की उम्मीद है।
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विशेषज्ञों का मानना है कि कोचीन एयरपोर्ट की यह पहल देश के अन्य शहरों और परिवहन प्रणालियों के लिए एक मॉडल साबित हो सकती है। स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन को अपनाने से भारत के नेट-जीरो उत्सर्जन लक्ष्यों को हासिल करने में भी मदद मिलेगी और ग्रीन मोबिलिटी को नई दिशा मिलेगी।


