भारत में आतंकवाद के नए रूप और तरीकों पर एक बार फिर से सवाल उठने लगे हैं। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) की ताज़ा कार्रवाई में एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) का छात्र गिरफ्तार हुआ है, जो ISIS (इस्लामिक स्टेट) के लिए सोशल मीडिया हैंडलर के रूप में काम कर रहा था। चौंकाने वाली बात यह है कि यह युवक पहले भी इसी तरह के मामले में जेल जा चुका था, लेकिन रिहा होने के बाद उसने फिर से आतंकी गतिविधियों को शुरू कर दिया। इस बार उसका मिशन था – ऑनलाइन माध्यम से भारत में नए आतंकियों की भर्ती करना।
NIA की जांच में बड़ा खुलासा
सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार छात्र का नाम (गोपनीय) रखा गया है क्योंकि जांच अभी जारी है। यह छात्र अकाउंटेंसी की पढ़ाई कर रहा था और सोशल मीडिया पर अत्यधिक सक्रिय था। NIA ने बताया कि युवक ISIS की ऑनलाइन प्रचार इकाई से जुड़ा हुआ था, जो भारत समेत दक्षिण एशियाई देशों में युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित कर रही थी।
युवक के पास से कई लैपटॉप, मोबाइल फोन, और एन्क्रिप्टेड चैट रिकॉर्ड बरामद किए गए हैं, जिनमें ISIS से संबंधित प्रचार सामग्री, वीडियो, और भर्ती संदेश शामिल हैं। जांच एजेंसी के मुताबिक, आरोपी कई युवाओं से टेलीग्राम और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर संपर्क में था।
जेल से निकलते ही शुरू की भर्ती की साजिश
NIA की रिपोर्ट के अनुसार, यह छात्र पहले भी एक आतंकी साजिश मामले में गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, साक्ष्यों की कमी के कारण उसे कुछ समय बाद ज़मानत मिल गई। लेकिन जेल से बाहर आते ही उसने फिर से ISIS से संपर्क साधा और सोशल मीडिया के ज़रिए नए लोगों को संगठन से जोड़ने का काम शुरू किया।
जांच में पता चला है कि आरोपी ने कई युवाओं को जिहाद और “इस्लामी खिलाफत” के नाम पर गुमराह किया और उन्हें कट्टर विचारधारा अपनाने के लिए प्रेरित किया। NIA ने उसके कई ऑनलाइन समूहों और हैंडल्स को ट्रैक किया है, जिनमें भारत, पाकिस्तान, और बांग्लादेश के उपयोगकर्ता जुड़े हुए थे।
सोशल मीडिया बना भर्ती का नया हथियार
यह मामला दिखाता है कि अब आतंकवादी संगठन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को भर्ती के प्रमुख हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। पहले जहां आतंकवाद की जड़ें सीमित भौगोलिक इलाकों तक थीं, अब इंटरनेट के ज़रिए ये विचारधाराएँ दुनिया भर में फैल रही हैं।
NIA अधिकारियों का कहना है कि आरोपी “ISIS डिजिटल मीडिया सेल” का हिस्सा था, जो लगातार धार्मिक और राजनीतिक मुद्दों पर भड़काऊ सामग्री प्रसारित कर रहा था।
एजेंसी के एक अधिकारी ने कहा
हमारे पास यह स्पष्ट प्रमाण हैं कि आरोपी ISIS के लिए ऑनलाइन भर्ती और प्रचार दोनों में शामिल था। वह युवाओं को आकर्षित करने के लिए धार्मिक भावनाओं का इस्तेमाल कर रहा था।
NIA की लगातार छापेमारी और सतर्कता
NIA ने इस गिरफ्तारी के बाद कई अन्य ठिकानों पर भी छापेमारी की है। जांच एजेंसी अब उन लोगों की भी पहचान कर रही है, जो आरोपी के नेटवर्क में शामिल थे। सूत्रों के अनुसार, कुछ और युवाओं के नाम सामने आए हैं जो ऑनलाइन माध्यम से कट्टरपंथी गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं।
केंद्र सरकार और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
इस मामले के बाद केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को निर्देश दिया है कि वे कट्टरपंथी कंटेंट की पहचान और ब्लॉकिंग पर और सख्ती दिखाएं। साथ ही, साइबर सेल और NIA जैसी एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे “ऑनलाइन जिहाद नेटवर्क” की पूरी जांच करें।


