इटली के मिलान शहर में प्रस्तावित ओलंपिक आयोजन के खिलाफ लोगों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। शुरुआत में यह विरोध प्रदर्शन एक शांतिपूर्ण मार्च के रूप में आयोजित किया गया था, जिसमें स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने बढ़ते खर्च, पर्यावरणीय नुकसान और आवास संकट जैसे मुद्दों को उठाया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि ओलंपिक परियोजनाओं से आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा और शहर की प्राथमिक जरूरतों की अनदेखी होगी।
हालांकि, मार्च के दौरान हालात उस वक्त बिगड़ गए जब कुछ समूहों की पुलिस के साथ झड़प हो गई। देखते ही देखते शांतिपूर्ण प्रदर्शन हिंसक रूप ले बैठा, जिसमें तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं सामने आईं। पुलिस ने हालात काबू में करने के लिए सख्ती बरती, वहीं कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की खबर है। प्रशासन का कहना है कि हिंसा फैलाने वाले तत्वों ने आंदोलन को भड़काया।
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इस घटना के बाद इटली में ओलंपिक को लेकर चल रही बहस और तेज हो गई है। जहां सरकार और आयोजन समर्थक इसे देश की छवि और अर्थव्यवस्था के लिए अहम बता रहे हैं, वहीं विरोध करने वाले लोग पारदर्शिता और जनहित को प्राथमिकता देने की मांग कर रहे हैं। मिलान में हुआ यह प्रदर्शन साफ तौर पर दिखाता है कि ओलंपिक जैसे बड़े आयोजनों पर जनमत कितना बंटा हुआ है।


