वेस्ट एशिया में जारी तनाव के बीच Iran ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि उसकी कड़ी चेतावनी के बाद United States ने संभावित हमले को टाल दिया। ईरानी मीडिया के मुताबिक, अमेरिका के पीछे हटने का कारण उसकी सैन्य प्रतिक्रिया की आशंका थी। हालांकि अमेरिकी पक्ष का कहना है कि यह फैसला कूटनीतिक बातचीत और हालात को शांत करने के प्रयासों के तहत लिया गया है।
दरअसल, Donald Trump ने ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर प्रस्तावित हमलों को कुछ दिनों के लिए टालने का ऐलान किया है। उन्होंने इसे “सकारात्मक और उत्पादक बातचीत” का परिणाम बताया है, जिससे संकेत मिलता है कि दोनों देशों के बीच तनाव कम करने की कोशिशें जारी हैं।
हालांकि, ईरान ने किसी भी प्रत्यक्ष बातचीत से इनकार करते हुए अमेरिका के दावों को खारिज किया है और इसे अपनी रणनीतिक मजबूती का असर बताया है। विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों के बीच यह बयानबाजी रणनीतिक दबाव बनाने का हिस्सा हो सकती है। फिलहाल, हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं और आने वाले दिनों में यह टकराव किस दिशा में जाएगा, इस पर वैश्विक नजर बनी हुई है।


