Iran ने Russia के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यास कर क्षेत्रीय समीकरणों को और जटिल बना दिया है। यह युद्धाभ्यास ऐसे समय में हुआ है जब पश्चिम एशिया में सुरक्षा हालात पहले से ही संवेदनशील बने हुए हैं। दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा, मिसाइल सिस्टम और सामरिक समन्वय को मजबूत करने पर जोर दिया, जिसे विश्लेषक पश्चिमी दबाव के जवाब के तौर पर देख रहे हैं।
इसी बीच United States का एक विमानवाहक पोत पश्चिम एशिया के करीब पहुंच गया है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। माना जा रहा है कि अमेरिकी नौसैनिक मौजूदगी का मकसद अपने सहयोगियों को सुरक्षा आश्वासन देना और संभावित खतरे को संतुलित करना है। विशेषज्ञों का कहना है कि इन घटनाक्रमों से भू-राजनीतिक तनाव बढ़ सकता है, हालांकि सभी पक्ष फिलहाल सीधे टकराव से बचने की कोशिश में नजर आ रहे हैं।


