Iran ने यूरेनियम संवर्धन के मुद्दे पर एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने अमेरिका को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि “जो होना है, वह हमने बता दिया है।” उनके इस बयान को परमाणु कार्यक्रम को लेकर जारी तनातनी के बीच बड़ा संकेत माना जा रहा है। अराघची ने दोहराया कि ईरान अपने राष्ट्रीय हितों और परमाणु अधिकारों से पीछे नहीं हटेगा।
यूरेनियम संवर्धन को लेकर तेहरान और वॉशिंगटन के बीच लंबे समय से मतभेद बने हुए हैं। अमेरिका का कहना है कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है, जबकि ईरान का दावा है कि उसका कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है। हाल के महीनों में परमाणु समझौते को पुनर्जीवित करने की कोशिशें भी ठंडी पड़ती नजर आई हैं।
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विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों पक्षों के बीच कूटनीतिक वार्ता फिर से शुरू नहीं हुई तो पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ सकता है। अराघची के बयान से साफ संकेत मिलता है कि ईरान फिलहाल दबाव की राजनीति के आगे झुकने के मूड में नहीं है। अब दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि अमेरिका इस पर क्या प्रतिक्रिया देता है।


