अमेरिका-ईरान तनाव के बीच हुए युद्धविराम के बावजूद Iran में पढ़ रहे करीब 3000 भारतीय मेडिकल छात्रों का भविष्य अनिश्चित बना हुआ है। हालात भले ही फिलहाल शांत दिखाई दे रहे हों, लेकिन छात्रों और उनके परिवारों को डर है कि स्थिति फिर से बिगड़ सकती है। कई छात्रों ने बताया कि मेडिकल यूनिवर्सिटीज में पढ़ाई और इंटर्नशिप प्रभावित हो रही है, जिससे उनका करियर दांव पर लग गया है।
छात्रों के परिजन अब केंद्र सरकार से सुरक्षित वापसी और पढ़ाई के विकल्प सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि युद्धविराम पर पूरी तरह भरोसा नहीं किया जा सकता और किसी भी समय हालात खराब हो सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो हजारों छात्रों की पढ़ाई और भविष्य प्रभावित हो सकता है।
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परिवारों और छात्रों की उम्मीद अब सरकार के राहत और निकासी प्रयासों पर टिकी है। वे चाहते हैं कि जल्द से जल्द सुरक्षित समाधान निकाला जाए, ताकि छात्रों की शिक्षा बिना नुकसान के जारी रह सके और उन्हें अनिश्चितता से राहत मिल सके।


