पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच Rajnath Singh ने वैश्विक सुरक्षा और भू-राजनीतिक हालात को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि बदलती वैश्विक राजनीति के दौर में समुद्र फिर से दुनिया के शक्ति संतुलन का केंद्र बनते जा रहे हैं। रक्षा मंत्री ने कहा कि मौजूदा हालात असामान्य हैं और यह तय करना अभी मुश्किल है कि पश्चिम एशिया का संकट किस दिशा में जाएगा।
राजनाथ सिंह ने कहा कि फारस की खाड़ी और Strait of Hormuz जैसे समुद्री क्षेत्र वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। अगर इस क्षेत्र में किसी तरह की बाधा या अस्थिरता आती है तो इसका सीधा असर तेल और गैस की आपूर्ति, वैश्विक व्यापार और अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि भूमि, समुद्र और हवा में देशों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा वैश्विक अस्थिरता को बढ़ा रही है।
रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि ऐसी परिस्थितियों में भारत जैसे बड़े समुद्री राष्ट्र की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत को आत्मनिर्भर रक्षा क्षमता और मजबूत समुद्री रणनीति के साथ वैश्विक मंच पर नेतृत्व की भूमिका निभानी चाहिए, ताकि बदलते भू-राजनीतिक माहौल में देश की सुरक्षा और आर्थिक हित सुरक्षित रह सकें।


