खुदरा महंगाई को नियंत्रण में रखने के लिए सरकार ने अगले पांच वर्षों का स्पष्ट लक्ष्य तय किया है। इस रणनीति के तहत कीमतों पर दबाव कम करने, सप्लाई चेन मजबूत करने और जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि दीर्घकालिक योजना से महंगाई को स्थिर दायरे में रखने में मदद मिलेगी।
नीतिगत स्तर पर खाद्य आपूर्ति, कृषि उत्पादन और लॉजिस्टिक्स सुधार को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि कीमतों में अचानक उछाल से बचा जा सके। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि ये कदम प्रभावी ढंग से लागू होते हैं तो आम लोगों के बजट पर दबाव कम हो सकता है और रोजमर्रा की जरूरतों की चीजें अधिक स्थिर कीमतों पर उपलब्ध हो सकेंगी।
सरकार का लक्ष्य है कि India में महंगाई को नियंत्रित रखते हुए आर्थिक विकास की रफ्तार भी बनाए रखी जाए। माना जा रहा है कि इस योजना का असर धीरे-धीरे दिखेगा और आने वाले वर्षों में आम आदमी को राहत मिलने की उम्मीद है।


