देश की प्रमुख एयरलाइन IndiGo की विफल तकनीकी व परिचालन तैयारी के कारण गुरुवार को देशभर में 550 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गईं, जिससे यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
इंडिगो ने स्वीकार किया है कि परिचालन व्यवस्था में गड़बड़ी, पायलट और क्रू हाउसिंग शेड्यूलिंग में त्रुटि, और नए क्रू-ड्यूटी नियमों (Flight Duty Time Limitation — FDTL) के कारण यह संकट पैदा हुआ है।
परिस्थिति इतनी गंभीर रही कि कई प्रमुख हवाई अड्डों — जैसे दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, बैंगलोर, कोलकाता आदि — पर यात्री फंसे रहे। यात्रियों को फ्लाइट रद्द होने की जानकारी अक्सर आखिरी समय पर मिली, जिससे उन्हें आवास, यात्रा पुनः-बुकिंग व अन्य सुविधाओं को लेकर दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
अब इंडिगो ने कहा है कि वह अपने परिचालन को दोबारा स्थिर करने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है। एयरलाइन ने दावा किया है कि “कैलिब्रेटेड शेड्यूल एडजस्टमेंट्स” की मदद से फुल परिचालन स्थिति बहाल करने की कोशिश में है। हालांकि उसकी योजना है कि पूरी तरह से सामान्य स्थिति 10 फरवरी 2026 तक लौट आएगी।
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यात्रियों और हवाई अड्डा समीक्षक दोनों इस स्थिति को बेहद चिंताजनक बता रहे हैं — क्योंकि यह सिर्फ एक दिन का अस्थायी झटका नहीं, बल्कि परिचालन संरचना और नियामकीय परिवर्तनों की वजह से बने गहरे संकट का संकेत है। ज़रूरत है कि नियामक संस्थाएँ, एयरलाइंस और हवाई अड्डे मिलकर सुनिश्चित करें कि आगे यात्रियों को ऐसे बड़े व्यवधान न झेलने पड़ें।


