भारत के व्यापार आंकड़ों में अक्टूबर 2025 का महीना चिंता का विषय बन गया है। वाणिज्य मंत्रालय के डेटा के मुताबिक, निर्यात 11.8 प्रतिशत घटकर 34.38 अरब डॉलर पर आ गया है। वहीं, आयात में 16.63 प्रतिशत की तेज बढ़ोतरी हुई और यह 76.06 अरब डॉलर को छू गया, जिससे देश का व्यापार घाटा 41.68 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।
विशेष रूप से, सोने और चांदी की आयात में उछाल ने घाटे को और गहरा कर दिया है – सिर्फ सोने का आयात ही 14.72 अरब डॉलर तक पहुंच गया है, जो पिछले साल इसी समय में बहुत कम था।
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने बताया कि निर्यात में गिरावट का एक बड़ा कारण अमेरिका को होने वाले निर्यात में कमी है — अक्टूबर में अमेरिकी बाजार में निर्यात साल-दर-साल लगभग 9% घटकर 6.3 अरब डॉलर रह गया।
यह डेटाबिंदु भारत की वर्तमान व्यापार चुनौतियों को दर्शाता है: एक ओर निर्यात सुस्त हो रहा है, तो दूसरी ओर अमीरी धातुओं की मांग के कारण आयात बढ़ा है। हालांकि, अप्रैल-अक्टूबर की अवधि में निर्यात मामूली बढ़कर 254.25 अरब डॉलर हो गया है, लेकिन आयात भी इसी दौरान 451.08 अरब डॉलर तक पहुँच गया है, जिससे संतुलन बनाए रखना और भी मुश्किल हो गया है।
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विश्लेषकों का कहना है कि सोने-चांदी के आयात पर नियंत्रण और निर्यात-उन्मुख नीतियों को फिर से सशक्त करने की तत्काल जरूरत है, ताकि व्यापार घाटे के इस बढ़ते ट्रेंड को रोका जा सके।


