मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में हाल के दिनों में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, भू-राजनीतिक तनाव और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी तेजी से बदलती तकनीकी धाराओं ने निवेशकों के सेंटिमेंट को प्रभावित किया है। BSE Sensex और Nifty 50 में कारोबार के दौरान अस्थिरता देखी जा रही है, जिससे निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं।
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों, कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर इंडेक्स में उतार-चढ़ाव का सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ रहा है। साथ ही AI सेक्टर में तेज निवेश और टेक कंपनियों के वैल्यूएशन को लेकर अनिश्चितता ने आईटी और टेक शेयरों में हलचल बढ़ा दी है। कुछ निवेशक इसे दीर्घकालिक अवसर मान रहे हैं, जबकि अन्य अल्पकालिक जोखिमों से बचने की रणनीति अपना रहे हैं।
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विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में पोर्टफोलियो का संतुलन बनाए रखना और सेक्टर-विशेष निवेश रणनीति अपनाना समझदारी हो सकती है। आने वाले हफ्तों में वैश्विक आर्थिक आंकड़े, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और कॉरपोरेट नतीजे बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।


