भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘हाउडी मोदी’ जैसे भव्य आयोजनों के बावजूद भारत को ठोस लाभ नहीं मिला और सरकार कूटनीतिक मोर्चे पर कमजोर साबित हुई। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि अमेरिका के साथ बातचीत में किसानों, छोटे उद्योगों और घरेलू बाजार के हितों की पर्याप्त रक्षा नहीं की गई, जबकि सरकार केवल इवेंट पॉलिटिक्स तक सीमित रह गई।
वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता देश के लिए नए निर्यात अवसर लेकर आएगा। उन्होंने कहा कि रक्षा, टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग और कृषि जैसे क्षेत्रों में भारतीय कंपनियों को अमेरिकी बाजार में बेहतर पहुंच मिलेगी। राजनाथ सिंह के मुताबिक, सरकार हर कदम पर राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता दे रही है और किसी भी समझौते में किसानों व घरेलू उद्योगों के हितों से समझौता नहीं किया जाएगा।
read also: News Updates: सिक्किम में 4.5 तीव्रता का भूकंप, सबरीमाला सोना चोरी केस के मुख्य आरोपी को जमानत
व्यापार समझौते पर अलग-अलग राजनीतिक दलों के बयानों से साफ है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गर्माने वाला है। जहां कांग्रेस इसे सरकार की कूटनीतिक विफलता बता रही है, वहीं केंद्र सरकार इसे भारत की वैश्विक आर्थिक स्थिति को मजबूत करने वाला कदम बता रही है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि अंतिम समझौते में किन क्षेत्रों को कितना लाभ मिलता है और इसका असर जमीन पर कब दिखता है।


