भारत और ओमान के बीच हुए नए व्यापार समझौते से खाड़ी क्षेत्र में भारतीय उत्पादों के लिए बड़े अवसर खुल गए हैं। इस डील के तहत दोनों देशों ने आयात-निर्यात प्रक्रियाओं को आसान बनाने, टैरिफ में रियायत और व्यापारिक सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है। खास बात यह है कि इससे कृषि उत्पाद, फार्मास्यूटिकल्स, टेक्सटाइल, ऑटो कंपोनेंट्स और आईटी सेवाओं जैसे भारतीय सेक्टरों को ओमान और आसपास के खाड़ी बाजारों तक बेहतर पहुंच मिलेगी।
समझौते के जरिए भारतीय कंपनियों को ओमान में निवेश के नए अवसर मिलेंगे, वहीं ओमान की कंपनियों को भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में साझेदारी का मौका मिलेगा। दोनों देशों ने कस्टम क्लियरेंस को तेज करने, स्टार्टअप्स और MSME सेक्टर को सहयोग देने तथा डिजिटल ट्रेड को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया है। इससे व्यापार लागत घटेगी और प्रतिस्पर्धा क्षमता बढ़ेगी।
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विशेषज्ञों के मुताबिक, यह व्यापार समझौता भारत की ‘मेक इन इंडिया’ और ‘एक्ट ईस्ट’ के साथ-साथ ‘एक्ट वेस्ट’ नीति को भी मजबूती देगा। खाड़ी क्षेत्र में भारतीय उत्पादों की मौजूदगी बढ़ने से निर्यात में इजाफा होगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। कुल मिलाकर, भारत-ओमान डील दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों को नई ऊंचाई देने वाली साबित हो सकती है।


