पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच Narendra Modi ने Masoud Pezeshkian से फोन पर बातचीत की और क्षेत्र में बिगड़ते हालात पर गहरी चिंता जताई। जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने विशेष रूप से बुनियादी ढांचे और ऊर्जा ठिकानों पर हो रहे हमलों की कड़ी निंदा की और कहा कि ऐसे हमले क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर खतरा हैं।
बातचीत के दौरान भारत ने साफ किया कि मौजूदा संकट का समाधान केवल संवाद और कूटनीति के जरिए ही संभव है। पीएम मोदी ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और तनाव कम करने की अपील की, ताकि हालात और न बिगड़ें। साथ ही, वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई गई, जो भारत सहित कई देशों के लिए बेहद अहम है।
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विशेषज्ञों का मानना है कि भारत इस संकट में संतुलित कूटनीतिक भूमिका निभा रहा है—एक ओर वह अपने रणनीतिक हितों की रक्षा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर क्षेत्र में शांति बहाली की कोशिशों में भी सक्रिय है। लगातार बढ़ते हमलों और जवाबी कार्रवाई के बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अब कूटनीतिक पहल पर टिकी हुई है, ताकि यह टकराव बड़े युद्ध में न बदल जाए।


