भारत-बांग्लादेश सीमा से जुड़े एक बड़े भ्रष्टाचार मामले में प्रवर्तन एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई की है। Enforcement Directorate (ED) ने आरोप लगाया है कि Border Security Force की 9 बॉर्डर आउट पोस्ट (BOP) के निर्माण टेंडर हासिल करने के लिए करीब 60 करोड़ रुपये की रिश्वत दी गई। जांच के तहत कई ठिकानों पर छापेमारी की गई और महत्वपूर्ण दस्तावेज व डिजिटल सबूत जब्त किए गए हैं।
जांच एजेंसियों के मुताबिक यह मामला India–Bangladesh सीमा पर सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने से जुड़े प्रोजेक्ट से संबंधित है। आरोप है कि टेंडर प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए कथित तौर पर फर्जी कंपनियों और हवाला नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया। ED अब इस पूरे नेटवर्क की मनी ट्रेल खंगाल रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सीमा सुरक्षा से जुड़े प्रोजेक्ट में भ्रष्टाचार का यह मामला बेहद गंभीर है। आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना है, क्योंकि एजेंसी मामले में शामिल अन्य आरोपियों और कंपनियों की भूमिका की जांच तेज कर चुकी है।


