भारत-अरब देशों के विदेश मंत्रियों की अहम बैठक में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने आतंकवाद के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सीमा पार आतंकवाद किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है और इससे निपटने के लिए सभी देशों को एकजुट होकर ठोस कदम उठाने होंगे। जयशंकर ने जोर देकर कहा कि आतंकवाद न सिर्फ क्षेत्रीय शांति, बल्कि वैश्विक स्थिरता के लिए भी बड़ा खतरा है।
बैठक के दौरान विदेश मंत्री ने भारत और अरब देशों के बीच बढ़ते रणनीतिक, आर्थिक और राजनीतिक सहयोग पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत पश्चिम एशिया को अपना अहम साझेदार मानता है और ऊर्जा, व्यापार, निवेश व सुरक्षा के क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करना चाहता है। साथ ही, उन्होंने नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था और संप्रभुता के सम्मान की जरूरत पर भी जोर दिया।
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इस बैठक में क्षेत्रीय हालात, पश्चिम एशिया में जारी तनाव, समुद्री सुरक्षा और मानवीय सहयोग जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। भारत ने आतंकवाद के खिलाफ साझा रणनीति बनाने और खुफिया जानकारी के आदान-प्रदान को बढ़ाने का प्रस्ताव रखा, जिस पर अरब देशों के प्रतिनिधियों ने भी सहमति जताई।


