भारत में आयोजित होने जा रहे India AI Impact Summit को लेकर विदेश मंत्रालय ने विस्तृत जानकारी साझा की है। मंत्रालय के अनुसार, यह शिखर सम्मेलन तीन प्रमुख सूत्रों—नवाचार, समावेशन और नैतिकता—पर आधारित होगा, जबकि इसके तहत सात विषयगत चक्रों में विभिन्न सत्र आयोजित किए जाएंगे। सम्मेलन का उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्र में वैश्विक सहयोग, जिम्मेदार उपयोग और तकनीकी साझेदारी को बढ़ावा देना है। Ministry of External Affairs ने बताया कि इसमें कई देशों के प्रतिनिधि, टेक उद्योग के दिग्गज और नीति विशेषज्ञ भाग लेंगे।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, सात चक्रों में एआई गवर्नेंस, डेटा सुरक्षा, स्किल डेवलपमेंट, स्टार्टअप इकोसिस्टम, रक्षा एवं सुरक्षा, स्वास्थ्य और जलवायु परिवर्तन जैसे विषय शामिल रहेंगे। सम्मेलन के जरिए भारत एआई के क्षेत्र में अपनी नेतृत्वकारी भूमिका को रेखांकित करना चाहता है। साथ ही ‘डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर’ मॉडल को भी वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा।
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सरकार का मानना है कि यह शिखर सम्मेलन भारत को एआई नवाचार के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत की बढ़ती डिजिटल क्षमता और विशाल डेटा इकोसिस्टम इसे एआई विकास के लिए उपयुक्त मंच बनाते हैं। इस सम्मेलन से अंतरराष्ट्रीय निवेश, तकनीकी सहयोग और स्टार्टअप्स को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।


