पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर अब भारत की विमानन सेवाओं पर भी साफ दिखाई देने लगा है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) के अनुसार, अब तक भारतीय एयरलाइंस की 10,000 से अधिक उड़ानें रद्द या प्रभावित हो चुकी हैं। युद्ध के कारण कई देशों के एयरस्पेस बंद या असुरक्षित घोषित किए गए हैं, जिससे उड़ानों के मार्ग बदलने पड़े और संचालन लागत भी बढ़ गई है।
मंत्रालय ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय रूट खासतौर पर सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं, क्योंकि यूरोप और खाड़ी देशों के लिए जाने वाली कई उड़ानों को लंबा रास्ता अपनाना पड़ रहा है। इससे यात्रियों को देरी, टिकट महंगे होने और फ्लाइट कैंसिलेशन जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एयरलाइंस कंपनियां सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए लगातार स्थिति की समीक्षा कर रही हैं।
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सरकार ने भरोसा दिलाया है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और स्थिति सामान्य होते ही उड़ानों का संचालन धीरे-धीरे पटरी पर लाया जाएगा। फिलहाल मंत्रालय एयरलाइंस के साथ मिलकर वैकल्पिक रूट और यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम करने पर काम कर रहा है।


