पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर अब भारत के व्यापार और MSME सेक्टर पर भी दिखने लगा है। व्यापारियों के संगठन Confederation of All India Traders (CAIT) ने सरकार से तत्काल राहत उपायों की मांग करते हुए कहा है कि बढ़ती तेल कीमतें, शिपिंग लागत और सप्लाई चेन में बाधा छोटे कारोबारियों के लिए गंभीर संकट बन सकती है। CAIT का कहना है कि यदि स्थिति लंबी चली तो आयात-निर्यात और घरेलू बाजार दोनों पर दबाव बढ़ेगा।
CAIT ने केंद्र सरकार से विशेष टास्क फोर्स गठित करने की अपील की है, जो व्यापार, लॉजिस्टिक्स, तेल कीमतों और वैश्विक सप्लाई चेन पर पड़ रहे असर की निगरानी करे। संगठन ने MSME सेक्टर के लिए सस्ती क्रेडिट सुविधा, निर्यातकों को प्रोत्साहन और शिपिंग लागत कम करने के लिए सब्सिडी जैसे कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि भारत के लाखों छोटे व्यापारी वैश्विक अस्थिरता का सीधा असर झेल रहे हैं।
संगठन ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो महंगाई और बाजार में अनिश्चितता बढ़ सकती है। CAIT के मुताबिक सरकार और उद्योग जगत के बीच समन्वय से ही इस वैश्विक संकट के प्रभाव को कम किया जा सकता है और भारतीय व्यापार को स्थिर रखा जा सकता है।


