रायपुर : प्रदेश में अवैध रेत खनन थमने का नाम नहीं ले रहा है। माइनिंग विभाग और कलेक्ट्रेट की टीम द्वारा लगातार कार्रवाई के बावजूद रेत माफियाओं द्वारा नियम तोड़कर अवैध रेत खनन कर रहे हैं। बता दें कि माइनिंग टीम ने विभिन्न जिलों में अब तक 1.16 करोड़ से अधिक की वसूली की है। वहीं, 400 से अधिक प्रकरण दर्ज किए गए हैं, जिसमें धमतरी जिले में सबसे अधिक कार्रवाई की गई है। नियम तोड़कर अवैध रेत खनन करने वाले रेत माफियाओं के खिलाफ खनिज विभाग ने अब कड़ी कार्रवाई करने का फैसला किया है। रेत खनन में यदि नियम तोड़ते पाए गए तो विभाग द्वारा एफआईआर, जुर्माना के साथ ही खनन पट्टों को निरस्त भी किया जाएगा।
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जानकारी के अनुसार प्रदेश में अवैध रेत खनन के खिलाफ खनिज, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीमें लगातार अभियान चला रही हैं। हाल के महीनों में विभिन्न जिलों में सैकड़ों वाहनों, मशीनों और नौकाओं को जब्त किया गया है तथा करोड़ों रुपए का अर्थदंड भी वसूला गया है। जानकारी के अनुसार अवैध रेत खनन के मामलों में धमतरी जिला सबसे आगे रहा है। विभाग द्वारा अब तक अवैध रेत खनन और परिवहन से जुड़े 400 से अधिक प्रकरण दर्ज किए गए तथा 1.16 करोड़ रुपए से अधिक की वसूली की गई। वहीं, रायगढ़ जिले में भी खनिज विभाग ने एक सप्ताह के भीतर बड़ी कार्रवाई करते हुए 34 वाहनों को जब्त किया, जिनमें अधिकांश रेत परिवहन में लगे ट्रैक्टर और भारी वाहन शामिल थे।
रायपुर जिले में भी प्रशासन ने अवैध उत्खनन स्थलों पर छापेमारी कर नाव, चैन माउंटेन मशीनें और अन्य उपकरण जब्त किए हैं। हाल ही में रात में किए गए औचक निरीक्षण में कई मशीनों को सील कर कार्रवाई की गई। जानकारी के अनुसार प्रदेश स्तर पर पिछले वर्ष चलाए गए विशेष अभियान के दौरान प्रशासन ने 400 ट्रैक्टर रेत जब्त किए थे और केवल बिलासपुर संभाग में 85 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की गई थी।


