छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के माधोपाली स्थित लातनाला में कार समेत बह गए दंपती का शव हादसे के लगभग 72 घंटे बाद बरामद कर लिया गया। तीन दिन तक चले लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद पंजाब से बुलाए गए गोताखोरों की टीम ने कार का पता लगाया। कार के भीतर ही पति-पत्नी के शव मिले। इस दुखद घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें लोग मृतकों को श्रद्धांजलि दे रहे हैं। वहीं ऐसे दुर्घटनाओं से बचने की अपील भी कर रहे हैं।
इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार रविवार की शाम बड़े घोठला निवासी देवनारायण पटेल और उनकी पत्नी सविता पटेल कार से गुजर रहे थे। इसी दौरान सारंगढ़ जिला मुख्यालय से करीब 8 किलोमीटर दूर बरमकेला – सारंगढ़ मुख्य मार्ग पर माधोपाली गांव के पास पुल के नीचे बह रहे उफनते लातनाला के तेज बहाव में उनकी कार बह गई थी। घटना के बाद पुलिस, जिला प्रशासन, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों ने लगातार तीन दिनों तक तलाश अभियान चलाया, लेकिन सफलता नहीं मिली।
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बचाव अभियान में सफलता नहीं मिलने पर परिजनों की पहल पर पंजाब के प्रसिद्ध गोताखोर आंसू मलिक अपनी टीम के साथ सारंगढ़ पहुंचे। उन्होंने विशेष तकनीक और सर्च ऑपरेशन के जरिए बुधवार शाम करीब 3 बजे कार का पता लगा लिया। कार चिखली-फर्सवानी के पास घटनास्थल से लगभग 600 से 700 मीटर दूर नदी में फंसी मिली। बताया जा रहा है कि गर्मी के दिनों में सिंचाई के लिए नदी में खोदे गए गड्ढे में कार फंस गई थी। कार के अंदर ही दोनों के शव बरामद किए गए। हादसे के बाद जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें लगातार नदी में तलाश करती रहीं। तेज बहाव, गंदले पानी और नदी की गहराई के कारण अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। अंतत: विशेषज्ञ गोताखोरों की मदद से कार और दोनों शवों को बाहर निकाला जा सका।






