हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन आज एक आम लेकिन गंभीर समस्या बन चुकी है। विशेषज्ञों के अनुसार, दवाओं के साथ-साथ योग और प्राणायाम अपनाने से बीपी को प्राकृतिक तरीके से नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। खासतौर पर अनुलोम-विलोम, भ्रामरी और शवासन जैसे योग अभ्यास तनाव कम करते हैं, जिससे रक्तचाप संतुलन में रहता है।
योग प्रशिक्षकों का कहना है कि अनुलोम-विलोम प्राणायाम रोज सुबह खाली पेट 10–15 मिनट करने से हृदय और फेफड़ों को लाभ मिलता है। भ्रामरी प्राणायाम मानसिक तनाव और घबराहट को कम करता है, जो हाई बीपी का एक बड़ा कारण माना जाता है। वहीं शवासन शरीर और दिमाग को पूरी तरह रिलैक्स करता है, जिससे नर्वस सिस्टम शांत होता है।
हालांकि, योग करते समय सही तरीका अपनाना बेहद जरूरी है। बीपी के मरीजों को अचानक या बहुत कठिन आसनों से बचना चाहिए और किसी प्रशिक्षक या डॉक्टर की सलाह से ही अभ्यास शुरू करना चाहिए। नियमित योग, संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली के साथ मिलकर हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में प्रभावी भूमिका निभा सकता है।


