देश को झकझोर देने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां जुड़वा बहनों ने महज ‘शौक’ में 4 लोगों की जान ले ली।इस खौफनाक केस की शुरुआत तब हुई जब पुलिस ने एक इलाके में अचानक हुई रहस्यमयी मौतों की जांच शुरू की।पहली नज़र में ये मौतें सामान्य लगीं, लेकिन जब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में शरीर में तेज ज़हर के निशान मिले, तो पुलिस के होश उड़ गए। जांच आगे बढ़ी तो सामने आया ऐसा सच जिसने सभी को हैरान कर दिया — दो जुड़वा बहनों ने पहले 10 कुत्तों पर ज़हर का टेस्ट किया, और फिर उसी ज़हर से 4 निर्दोष लोगों को मौत के घाट उतार दिया।
साइको एक्सपेरिमेंट’ का खौफनाक खेल
पुलिस के मुताबिक, ये दोनों बहनें विज्ञान और फॉरेंसिक साइकोलॉजी में रुचि रखती थीं। उनके परिवार का कहना है कि दोनों बचपन से ही “एक्सपेरिमेंटल माइंडसेट” वाली थीं — लेकिन उनका शौक कब खूनी जुनून में बदल गया, किसी को पता नहीं चला। दोनों ने इंटरनेट पर विषैले रासायनिक पदार्थों पर रिसर्च शुरू की और ऑनलाइन डार्क वेब से एक जानलेवा जहर मंगवाया। सबसे पहले उन्होंने इस जहर को 10 आवारा कुत्तों पर टेस्ट किया, ताकि यह देखा जा सके कि कितनी मात्रा में यह तुरंत असर करता है। कई दिनों तक वे यह रिकॉर्ड करती रहीं कि कौन सा जानवर कितने मिनट में मरता है। इस प्रयोग के बाद उन्होंने इंसानों पर यह ‘टेस्ट’ करने की सोची — और यहीं से शुरू हुई सीरियल मर्डर की कहानी।
चार हत्याएं और एक जैसी मौतें
कुछ ही महीनों में इलाके में चार लोगों की रहस्यमयी मौतें हुईं। सभी की मौतें एक ही पैटर्न में हुईं — खाने या ड्रिंक में ज़हर मिलाकर, फिर कुछ ही घंटों में दिल की धड़कन रुक जाना। शुरुआत में किसी को शक नहीं हुआ क्योंकि बहनें दिखने में शांत, पढ़ी-लिखी और सामाजिक रूप से सक्रिय थीं लेकिन जब चौथी मौत के बाद डॉक्टरों को समान ज़हर का ट्रेस मिला, तो पुलिस ने केस को हत्या में बदल दिया।
कैसे पकड़ी गईं जुड़वा बहनें
जांच एजेंसियों ने इलाके के CCTV फुटेज, कॉल रिकॉर्ड और ऑनलाइन ऑर्डर डिटेल्स खंगाले। एक ऑनलाइन शॉपिंग अकाउंट से जहर खरीदने का रिकॉर्ड मिला, जिसमें डिलीवरी का पता उन्हीं बहनों के घर का था।
जब पुलिस ने छापा मारा, तो घर से मिली चीज़ों ने सब कुछ साफ कर दिया —
विषैले केमिकल्स की शीशियाँ हैंड नोट्स जिनमें लिखा था, “मौत का सही डोज़ 2.5mg” और 10 मरे हुए कुत्तों की तस्वीरें
पूछताछ में दोनों ने ठंडे दिल से कहा —
हम सिर्फ देखना चाहते थे कि मौत कैसी होती है किसी को मारने में कैसा लगता है।” उनकी इस बात ने जांच अधिकारियों को भी सन्न कर दिया।
पुलिस का बयान: ‘इतनी निर्ममता पहले कभी नहीं देखी’
पुलिस कमिश्नर ने मीडिया को बताया कि यह मामला देश में सीरियल किलिंग का नया रूप है। इन दोनों बहनों में कोई पछतावा नहीं था। उन्होंने हर हत्या को ‘साइकोलॉजिकल एक्सपेरिमेंट’ बताया। यह मामला केवल अपराध नहीं, बल्कि मानवता के खिलाफ पागलपन है। दोनों को फिलहाल न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और मनोवैज्ञानिक जांच जारी है। जांच में यह भी पता चला कि दोनों ने ऑनलाइन क्राइम वीडियो और डार्क वेब फोरम्स से प्रेरणा ली थी।
परिवार और समाज में सदमा
बहनों के माता-पिता इस घटना से सदमे में हैं। उनका कहना है कि बेटियां हमेशा पढ़ाई में तेज और शांत स्वभाव की थीं। उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वे मासूमियत के पीछे इतनी खतरनाक सोच छिपा सकती हैं। इलाके के लोग भी अब तक इस वारदात को “अविश्वसनीय” मानते हैं।


