देश में हाल की बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार करीब 2.49 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में रबी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। सबसे ज्यादा असर गेहूं की फसल पर पड़ा है, जो कटाई के ठीक पहले खड़ी फसल के रूप में खेतों में तैयार थी। मौसम के अचानक बदले मिजाज ने किसानों की मेहनत पर बड़ा असर डाला है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक कई राज्यों में तेज बारिश और ओलों के कारण फसलें खेतों में ही गिर गईं, जिससे उत्पादन पर सीधा असर पड़ने की आशंका है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि इससे बाजार में गेहूं की सप्लाई प्रभावित हो सकती है और कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। सरकार ने प्रभावित इलाकों का आकलन शुरू कर दिया है और राहत उपायों पर विचार किया जा रहा है।
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विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते मौसम पैटर्न और जलवायु परिवर्तन का असर खेती पर लगातार बढ़ रहा है, जो India के कृषि क्षेत्र के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। ऐसे में फसल बीमा, बेहतर मौसम पूर्वानुमान और तकनीकी मदद किसानों के लिए बेहद जरूरी मानी जा रही है।


