नई दिल्ली। रोजमर्रा के इस्तेमाल की वस्तुओं पर महंगाई का असर फिर दिखने लगा है। जीएसटी कटौती का फायदा धीरे-धीरे खत्म होता नजर आ रहा है और साबुन, खाद्य तेल, पैकेज्ड फूड व अन्य घरेलू उत्पादों की कीमतों में 3 से 5 फीसदी तक बढ़ोतरी की गई है। कई एफएमसीजी कंपनियों ने इनपुट कॉस्ट बढ़ने और कच्चे माल की महंगाई का हवाला देते हुए दाम बढ़ाने का फैसला किया है।
उद्योग सूत्रों के मुताबिक, परिवहन लागत, पैकेजिंग सामग्री और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर सीधे उत्पादों की लागत पर पड़ा है। कंपनियों का कहना है कि लंबे समय तक लागत का बोझ खुद वहन करना संभव नहीं था, इसलिए कीमतों में संशोधन करना पड़ा। इससे उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त भार पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में महंगाई की दिशा काफी हद तक वैश्विक बाजार और सरकारी नीतियों पर निर्भर करेगी। फिलहाल उपभोक्ताओं को जरूरी सामान खरीदते समय कीमतों की तुलना करने और ऑफर्स का लाभ उठाने की सलाह दी जा रही है।


