गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। जिले में 15वें वित्त आयोग की राशि में बड़ी वित्तीय अनियमितता का खुलासा हुआ है। जांच के दौरान पता चला कि विभिन्न ग्राम पंचायतों के 8 सचिवों ने नियम विरुद्ध 1.19 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वेंडरों को भुगतान कर दी। शिकायत मिलने के बाद जिला पंचायत कार्यपालन अधिकारी ने जांच कराई, जिसमें सभी सचिव दोषी पाए गए।
जिन पंचायत सचिवों पर कार्रवाई हुई है, उनमें तेन्दुमुढ़ा, नेवरी नवापारा, ठाड़पथरा, आमाडोब, पूटा, आमगांव, साल्हेघोरी और हर्राटोला के सचिव शामिल हैं, जिन पर लाखों रुपये गलत तरीके से जारी करने का आरोप है।
मामले को गंभीर मानते हुए प्रशासन ने सभी 8 सचिवों को तत्काल निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जनपद पंचायत गौरेला रखा गया है और उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।
घोटाले के उजागर होने के बाद जिले में हड़कंप मचा है। अब यह जांच का विषय है कि मामला केवल सचिवों तक सीमित है या इसके पीछे बड़ा नेटवर्क भी काम कर रहा था।


